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8 things mobile going to blast (8 ऐसे कारण जिससे हो जाएगा मोबाइल ब्लास्ट)


नमस्कार दोस्तो आपका एक बार फिर स्वागत है एक और नई पोस्ट में और आज हम बात करने वाले है मोबाइल ब्लास्ट को लेकर क्योंकि मोबाइल हमारे प्रयोग की जरूरत मंद चीज है वैसे तो मोबाइल के उपयोग को लेकर हम काफी सावधान रहते हैं। फोन की स्क्रीन पर गार्ड लगाकर रखते हैं जिससे कि खरोंच न आए टूटे न। इसके अलावा कवर चढ़ाकर भी रखते हैं ताकि वह पुराना न दिखे। मोबाइल आपके सबसे नजदीक होता है और इस पर आपकी सबसे ज्यादा निर्भरता होती है। इसी वजह से आप चाहते हैं कि आपका फोन हमेशा सुरक्षित रहे। बावजूद इसके कई बार मोबाइल ब्लास्ट होने की खबरें सुननें को मिल जाती हैं। ऐसे में आप यही सोचते होंगे कि आखिर इतना सुरक्षा करने के बावजूद मोबाइल ब्लास्ट कैसे हो जाता है। तो चलिए इस बारे में हम विस्तार से जानते हैं।जिससे कि आप अपने साथ इस प्रकार की बातों से सावधान रह सके।

What is mobile blast(मोबाइल ब्लास्ट क्या है)

मोबाइल ब्लास्ट काफी कारणों से हो सकता है अक्सर खबर हमेशा यही आती है कि मोबाइल ब्लास्ट हो गया है। तकनीकी रूप से यह यही भी है क्योंकि ब्लास्ट बैटरी होती है लेकिन वह फोन का पार्ट ही है। परंतु आपको बता दूं कि फोन में बैटरी के अलावा कुछ भी नहीं है जो ब्लास्ट हो। फोन को पावर बैटरी से मिलती है और यही पावर बैंक ब्लास्ट का कारण भी बनता है। जैसा कि मालूम है मोबाइल फोन में लीथियम आयन बैटरी का उपयोग होता है। यह एक पोर्टेबल बैटरी टाइप है जो रिचार्जेबल है। साथ ही हाईकपैसिटी पावर देने में सक्षम है और यह लंबे समय तक चार्ज रह सकता है। ली​थियम आयन बैटरी का निर्माण तीन भाग में होता है। यह कोबाल्ट आॅक्साइड पोजेटिव इलेक्ट्रोड जिन्हें हम कैथोड कहते हैं। इसके अलावा ग्रेफाइड कार्बन नेगेटिव इलेक्ट्रोड जिन्हें एनोड कहा जाता है। इसके अलावा तीसरा भाग इलेक्ट्रोलायट कैमिकल का होता है। कैथोड धनात्मक (पोजेटिव) पावर है जबकि एनोड रिनात्मक (नेगेटिव) पावर है। तकनीकी रूप से ये दोनों कैथोड और एनोड इलेक्ट्रोलायट कैमिकल के अंदर होते हैं। अर्थात एक ही केमिकल के बक्से या थैली में होते हैं लेकिन उन्हें अलग-अलग खाने में रखा जाता है और यदि दानों मिल जाएं तो जाएं तो ब्लास्ट हो जाता है।
लीथीयम आयन बैटरी के निर्माण के दौरान इन केमिकल्स को इन्सुनलेशन टेप, प्लास्टिक का स्ट्रीप या फिर रबर स्ट्रीप के माध्यम से अलग रखा जाता है। परंतु हीट, शार्ट सर्किट या फिर निर्माण के दौरान किसी तरह की थोड़ी सी गलती की वजह से भी दोनों आयन एक साथ मिल जाते हैं और बैटरी ब्लास्ट हो जाती है।
अब तक आप जान गए होंगे कि किस वजह से मोबाइल फोन की बैटरी ब्लास्ट होता है। पंरतु अब मैं आपको बताने वाला हूं कि बैटरी ब्लास्ट होने की क्या वजहें हो सकती हैं। बैटरी ब्लास्ट दो करणों से हो सकती है। एम मकैनिकल जिसे आप मैन्यूफैक्चरिंग भी कह सकते हैं। वहीं दूसरा कारण है फिजिकल जो हमारी गलतियों की वजह से होती है। तो चलिए सबसे पहले मैन्यू​फैक्चरिंग कारण का जिक्र करते हैं।
1. खराब चार्जर: किसी फोन के निर्माण करने से पहले उसकी कई तरह की परिक्षण की जाती है। फोन के साथ ही चार्जर के लिए भी एक मानक तय होता है। परंतु हम अक्सर पैसे बचाने के लिए अनब्रांडेड चार्जर का उपयोग करते हैं और इससे फोन ब्लास्ट का खतरा काफी बढ़ जाता है। इन चार्जर्स का कोई स्टैंडर्ड नहीं होता है और ये चार्जर तय मानक से ज्यादा पावर सप्लाई करते हैं। ऐसे में फोन फोन ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है।
2. चार्जिंग के दौरान कॉलिंग:- यह सबसे खतरनाक काम है बावजूद इसके अक्सर हम करते हैं। हालांकि मोबाइल निर्माता इस तरह के तकनीक का प्रयोग करते हैं जिससे​ कि चार्जिंग के दौरान भी आप बातें कर सकें लेकिन फिर भी खतरा बना होता है। चार्जिंग के दौरान बात करने से एक तरफ फोन की बैटरी चार्जर हो रही होती है और दूसरी ओर खपथ ऐसे में फोन जल्दी हीट हो जाता है और ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है।
3. सॉफ्टवेयर:- हालांकि सॉफ्टवेयर की वजह से फोन ब्लास्ट के कम खबरें सुनने को मिलती है लेकिन फोन को ओवर हीट होने और ब्लास्ट होने के पीछे सॉफ्टवेयर भी एक कारण हो सकता है। अगर सॉफ्टवेयर खराब है तो फोन बहुत जल्दी हीट हो जाएगा हीट खतरनाक स्तर तक जा सकती है।
4. निर्माण में गलती:- जैसा कि हमने पहले ही बताया कि बैटरी में दो तरह के कैमिकल का उपयोग किया जाता है और जब वे आपस में मिल जाते हैं तो ब्लास्ट होता है। ऐसे में बैटरी की मैन्यू फैक्चरिंग के दौरान यदि इन्सुनलेशन टेप, प्लास्टिक स्ट्रीप या फिर रबर स्ट्रीप की पेस्टिंग में थोड़ी भी गलती हो जाए तो फोन ब्लास्ट हो सकता है।
5. प्रोसेसर ओवरलोड:- किसी भी फोन के निर्माण में इसे कई तरह के प्रोसेस से गुजरना होता है। कंपनियों को यह मालूम होता है कि ज्यादा ऐप खोलने या भारी भरकम ऐप चलाने पर प्रोसेसर ओवर लोड हो सकता है जिससे ओवर ​हीटींग की समस्या आ सकती है। ऐसे में वे प्रोसेसर को थरमल लॉक फीचर से लैस रखती हैं जिससे​ यदि फोन ज्यादा हीट हो तो खुद ही ऑफ हो जाए। परंतु कई फोन में ऐसा नहीं होता थरमल लॉक फेल हो जाता है और ओवर ​हीटिंग की समस्या की वजह से यह ब्लास्ट हो जाता है।थरमल लॉक चार्जिंग के दौरान भी काम करता है। हालांकि सबसे ज्यादा फोन ब्लास्ट चार्जिंग के दौरान ही होते हैं और उसका कारण थरमल लॉक का काम न करना है।
6. फोन में पानी:- भारत में गर्मी बहुत ज्यादा पड़ती है और लोगों को पसीने भी बहुत ज्यादा आते हैं। परंतु मोबाइल पर बात करने के दौरान अक्सर हम नहीं देखते कि फोन में पसीना जा रहा है। परंतु बता दूं कि यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है। पानी—पसीना या फिर कोई दूसरा लीक्विड आपके फोन को खराब कर सकता है और इससे फोन ब्लास्ट भी हो सकता है।
7. भार:- कई बार हम फोन को अपने पीछले पॉकेट में लेकर बैठ जाते हैं लेकिन यह आपके लिए काफी खतनाक है। अगर फोन की बॉडी या स्क्रीन पर वजन पड़ती है तो वह ब्लास्ट भी हो सकता है। इसलिए हमेशा इसका ध्यान रखें।
8. गाड़ी की डैशबोर्ड पर रखना:- अक्सर हम फोन को गाड़ी की डैशबोर्ड पर रखकर छोड़ देते हैं। यहां पर सीधी धूप आती है और डैशबोर्ड पर फोन जल्दी गर्म भी होता है। ऐसे में फोन ब्लास्ट होने का कारण भी हो जाता है।

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